रायपुर, 14 मई 2026
ओबीसी संयोजन समिति जिला कार्यकारिणी की बैठक सम्पन्न
मां कर्मा धाम, संतोषी नगर, रायपुर में छत्रपति स्वराज्य रक्षक स्वातंत्र्यवीर संभाजी महाराज की 369वीं जयंती के पावन अवसर पर ओबीसी संयोजन समिति जिला रायपुर की महत्वपूर्ण कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई।
बैठक में स्वातंत्र्यवीर संभाजी महाराज के अदम्य साहस, दूरदर्शिता और जीवन-संघर्षों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। उन्होंने दक्षिण भारत में मुगलों के विस्तार को दृढ़ता से रोका और हिंदवी स्वराज्य की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। संभाजी महाराज के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए बैठक में ओबीसी समाज को सशक्त बनाने के संकल्प लिए गए।
बैठक में संगठन के सात प्रमुख उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प लिया गया। इन उद्देश्यों में प्रमुख है- ओबीसी प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने की मांग।
प्रदेश कार्य समिति के अध्यक्ष टिकेश्वर साहू जी ने कहा कि 27% ओबीसी आरक्षण को तत्काल प्रभावी रूप से लागू किया जाए। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग की भांति ओबीसी वर्ग को भी सभी सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रों में समान अवसर और समान हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब ओबीसी समाज केवल अधिकारों की मांग नहीं, बल्कि अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संघर्षरत है।
बैठक में सामाजिक प्रशिक्षण को और अधिक मजबूत बनाने के लिए जिले में व्यापक सदस्यता अभियान चलाने पर विस्तृत चर्चा की गई।
संभागीय अध्यक्ष श्री नारायण साहू जी ने अपने संबोधन में कहा कि ओबीसी समाज पूर्ण भागीदारी की लड़ाई लड़ रहा है। इस ऐतिहासिक संघर्ष में कैडरबद्ध सामाजिक प्रशिक्षण के माध्यम से संगठन को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने आगामी दिनों में जिले के सभी चारों ब्लॉकों में संगठन को और अधिक सशक्त एवं विस्तारित करने की घोषणा की।
बैठक में किशोर सोनी, डॉ. विजय देवांगन, लाल बहादुर यादव, पंच राम सोनी, शकुंतला सिंह, पूजा ठाकुर सहित अन्य गणमान्य सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने जिले में ओबीसी वर्ग की विभिन्न जातियों के सामाजिक अध्यक्षों, ओबीसी कर्मचारियों, महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं तक सामाजिक जागरण और प्रशिक्षण पहुंचाने की कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।
सदस्यों ने ओबीसी जागरण एवं संगठनात्मक मजबूती को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव दिए, जिनमें विशेष रूप से युवाओं और छात्रों को जोड़ने, जागरूकता अभियान चलाने और सामाजिक एकता को और प्रगाढ़ बनाने पर जोर दिया गया।
