रायपुर।
*CAIT छत्तीसगढ़ की जीएसटी कार्यशाला में विभागीय जांच, नोटिस, आईटीसी, ऑडिट एवं व्यापारियों के अधिकारों पर जीएसटी विशेषज्ञ जितेन्द्र खनूजा ने किया मार्गदर्शन*
देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन श्री जितेन्द्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन श्री सुरिन्दर सिंह, श्री जीवत बजाज, महामंत्री श्री अवनीत सिंह, कोषाध्यक्ष श्री विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेन्द्र जग्गी, श्री वासु माखीजा, श्री राम मंधान, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी एवं श्री शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) छत्तीसगढ़ द्वारा रायपुर स्थित प्रदेश कार्यालय, पगारिया कॉम्प्लेक्स, पंडरी में एक महत्वपूर्ण जीएसटी जागरूकता एवं अनुपालन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में व्यापारियों, उद्यमियों, करदाताओं, ट्रांसपोर्टर्स एवं विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर जीएसटी कानून, विभागीय जांच, नोटिस, समन, ऑडिट, फर्जी आईटीसी तथा व्यापारियों के कानूनी अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।







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स्वागत उद्बोधन प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन ने दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री श्री अवनीत सिंह द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता एवं प्रसिद्ध जीएसटी विशेषज्ञ सीए जितेन्द्र सिंह खनूजा का स्वागत प्रदेश चेयरमैन श्री जितेन्द्र दोशी एवं श्री विक्रम सिंहदेव द्वारा किया गया। स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान श्री जीवत बजाज एवं श्री सुरेन्द्र सिंह ने किया। वहीं सीए मुकेश मोटवानी का स्वागत श्री राम मंधान, श्री उत्तम गोलछा, श्री भरत जैन, युवा कैट एवं महिला कैट की टीम द्वारा शाल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। ट्रांसपोर्ट कैट की ओर से भी अतिथियों का विशेष सम्मान किया गया।
कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन श्री अमर पारवानी ने कहा कि वर्तमान समय में व्यापारियों के लिए कानून की जानकारी उतनी ही आवश्यक है जितनी व्यवसाय की जानकारी। बदलते कर कानूनों, डिजिटल अनुपालन एवं विभागीय प्रक्रियाओं के दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि CAIT केवल व्यापारियों की समस्याओं को शासन एवं प्रशासन के समक्ष रखने का कार्य ही नहीं करता, बल्कि उन्हें कानूनी रूप से सशक्त एवं जागरूक बनाने का भी निरंतर प्रयास करता है। प्रदेशभर में इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण, कार्यशालाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि व्यापारी आत्मविश्वास के साथ अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।
अपने विस्तृत एवं व्यवहारिक मार्गदर्शन में सीए जितेन्द्र सिंह खनूजा ने कहा कि जीएसटी विभाग की किसी भी वैधानिक कार्रवाई से व्यापारियों को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। कानून की सही जानकारी, समय पर अनुपालन एवं आवश्यक दस्तावेजों के उचित रखरखाव से अधिकांश विवादों से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जीएसटी से जुड़े अधिकांश विवादGSTR-2B एवं GSTR-3B के मिसमैच से उत्पन्न होते हैं, इसलिए व्यापारियों को इनका नियमित मिलान करना चाहिए।
उन्होंने विभागीय जांच, समन, नोटिस, ऑडिट, निरीक्षण, सर्च एवं अन्य कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी नोटिस अथवा समन की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। समय-सीमा के भीतर उचित जवाब देना प्रत्येक करदाता की जिम्मेदारी है। उन्होंने व्यापारियों को सलाह दी कि स्टॉक रिकॉर्ड, खरीद-बिक्री दस्तावेज, ई-वे बिल एवं अन्य अभिलेखों को व्यवस्थित रखें ताकि किसी भी जांच अथवा ऑडिट के दौरान अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सके।
कार्यशाला में फर्जी बिलिंग एवं फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सीए खनूजा ने कहा कि किसी भी सप्लायर से व्यापारिक लेन-देन करते समय उचित ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) करना आवश्यक है। नियमित रूप से जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी का सत्यापन तथा GSTR-2B की निगरानी भविष्य में होने वाले विवादों को रोक सकती है। उन्होंने माल वापसी (Goods Return), गोदाम प्रबंधन, स्टॉक मिलान, ई-वे बिल, अपील प्रक्रिया तथा विभागीय कार्यवाही से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर CAIT छत्तीसगढ़ के टेक्निकल हेड एवं कर सलाहकार सीए मुकेश मोटवानी ने कहा कि व्यापारियों को जीएसटी कानून से डरने की नहीं, बल्कि उसे समझने की आवश्यकता है। अधिकांश मामलों में जानकारी के अभाव के कारण व्यापारी अनावश्यक रूप से भयग्रस्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच या नोटिस मिलने पर घबराने के बजाय तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर जवाब देना चाहिए। कैट की तकनीकी एवं कानूनी टीम प्रदेशभर के व्यापारियों को हर संभव मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के लिए सदैव उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में कैट की तकनीकी टीम के सहयोग से अनेक व्यापारियों को जटिल जीएसटी मामलों में राहत प्राप्त हुई है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित व्यापारियों ने विभागीय जांच, नोटिस, आईटीसी, ऑडिट, ई-वे बिल, अपील प्रक्रिया एवं अन्य व्यावहारिक समस्याओं से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता व्यक्त की।

अंत में उपस्थित सभी व्यापारियों, अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कैट छत्तीसगढ़ ने भविष्य में भी व्यापारियों के हित में ऐसे जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करते रहने की घोषणा की।
उपरोक्त कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी एवं व्यापारीगण सहित कैट, युवा कैट, महिला कैट, टंªासर्पोट कैट सहित उपस्थित रहे।
