रायपुर । स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत राज्य के समस्त जिलों में कार्यरत जिला, विकासखंड एवं संकुल समन्वयक द्वारा अपनी मांगों को लेकर अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, रायपुर से मुलाकात की गई। विगत 12 वर्षों से कार्य कर रहे समन्वयकों की आज पर्यन्त तक कभी भी वेतन वृद्धि नहीं की गई है और न ही यात्रा भत्ता व अन्य सुविधाएं दी जा रही है, जबकि इस अभियान में मुख्य कार्य क्षेत्रीय स्तर पर ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर योजना का क्रियान्वयन करवाया जाना है। इस क्रम में पूर्व में भी कई बार राज्य व जिला स्तर के अधिकारियों से मुलाकात की गई है, परंतु वेतन वृद्धि को लेकर कोई भी कार्यवाही नहीं किया गया। 10 वर्षाें से विकासखंड स्तर पर 10000/- एवं संकुल स्तर पर 8000/- मानदेय दिया जा रहा है।
माननीय मुख्यमंत्री, छ.ग. शासन एवं माननीय टी.एस. सिंहदेव, मंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छ.ग. शासन के समक्ष भी लिखित आवेदन प्रस्तुत कर पूर्व में निवेदन किया गया था। परंतु अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। अपर मुख्य सचिव महोदय, द्वारा वेतन वृद्धि को लेकर कार्रवाही करने का आश्वासन दिया गया है परंतु यह वित्त विभाग की अनुमति पर निर्भरता की जानकारी दी गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग नवा रायपुर (छ.ग.) मैं भटक भटक कर अब तक कोई भी समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है कोई भी अधिकारी कर्मचारियों के हित और कल्याण के लिए प्रयास नहीं कर रहे हैं। मिशन संचालक, राज्य स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण द्वारा जानकारी दी गई कि पूर्व में भेजी गई फाईल को वित्त विभाग द्वारा असहमत कर रिजेक्ट कर दिया गया। जबकि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की मानदेय एवं अन्य भत्ते आजीविका मिशन के समतुल्य रखा गया है। समन्वयकों द्वारा मांग के सम्बंध में जानकारी दी गई कि
राज्य में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत समस्त 28 जिलों में कार्यरत अधिकारीयों व कर्मचारीयों के पद श्रेणी स्पष्ट नहीं है, जबकी कार्यरत अमलों के द्वारा वर्ष 2008-09 से सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, निर्मल भारत अभियान से सतत् पूर्ण निष्ठा एवं लगन के साथ प्रदत्त दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है। परन्तु कर्मचारीयों के हितों एवं कल्याण के लिये कोई कार्य नहीं किया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत कार्यरत अधिकारीयों व कर्मचारीयों की भर्ती होने से आज पर्यन्त तक सालाना 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि होनी चाहिए। जिसका लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है। सुविधा हैण्डबुक में संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी स्टाॅफ के मृत्यु उपरान्त क्षतिपूर्ति राशि रू. 100000.00 (एक लाख रूपये) मृतक के परिवार को दिये जाने का प्रावधान है। पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारीयों व कर्मचारीयों को इस प्रावधान का लाभ प्रदाय नहीं किया जा रहा है। समस्त विभाग के संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारीयों के लिये चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि का प्रावधान है किन्तु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारीयों व कर्मचारीयों के लिए यह प्रावधान नहीं है। समस्त विभागों के अधिकारीयों व कर्मचारीयों के लिए TA/DA का प्रावधान है। किन्तु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारीयों व कर्मचारीयों के लिए यह प्रावधान नहीं रखा गया है। जिससे लक्ष्यों की पूर्ति एवं भ्रमण में परेशानियों का सामना करना पड रहा है। विकासखंड समन्वयकों, संकुल समन्वयकांे, सहायक ग्रेड 3 एवं कम्प्यूटर आॅपरेटर का मानदेय NRLM के अनुरूप बहुत ही कम है। जिससे क्षेत्र भ्रमण एवं दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं की जा सकती है। अतः वेतन वृद्धि के साथ यात्रा भत्ता प्रदाय करने के इस प्रयास को कृपया आपके समाचार पत्र में प्रकाशित करने की कृपा करेंगे।
