रायपुर । श्रीमद् भागवतकथा के पांचवे दिन में वन धाम से पधारे ललितपल्लम नागार्च जी ने श्रीमद् भागवत कार्यक्रम में श्री राधा जन्म, श्रीकृष्ण बाल लीलायें, श्री गोवर्धन पूजन एवं छप्पन भोग बारे में विस्तार से वर्णन किया साथ ही साथ उन्होंने श्री कृष्ण के बचपन के बारे में बताया कि श्री कृष्ण जी बचपन में कितने नटखट थे तथा गोपीयों के साथ किस प्रकार लीलायें करते थे और उन्होंने गोवर्धन पर्वत के पूजा के महत्व के बारे में बताया उन्होने कहा कि गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं साथ ही साथ उन्होंने छप्पन भोग के महत्व के बारे में भी बताया।

श्रीमद् भागवतकथा परिवार के प्रचार प्रसार प्रमुख दिलीप केडीया एवं राजेन्द्र पारख ने बताया की आज के दिन ही विभिन्न जगहों से आये भक्तजन श्री राधाकृष्ण के गीतों पर नृत्य में मगन होकर वातावरण को मानो वृद्धावन बना दिया गया। सभी लोग नंद के आनंद भयो जय कन्या लाल कि, राधारानी की जय, हांथी घोडा पाल की जय कन्हैया लाल की, राधे-राधे से पुरा वातावरण कृष्णमय हो गया। आज पुरे छत्तीसगढ़ राज्य से भक्तजन भी सम्मलित हुए। कथा समाप्ति के पश्चात् प्रसाद का वितरण किया गया। आज के कार्यक्रम में प्रमुख लोगों में सर्वश्री अमिताभ अग्रवाल, कमल अग्रवाल, मुकेश गोयल, राजीव मुंदडा, डॉ. मनोज पांडे, राजेश शर्मा, संजय अग्रवाल, पवन अग्रवाल, जितेन्द्र सिंघानियां, मुकेश केडिया, हरीश अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सतीश शुक्ला और श्रीमद् भागवतकथा के परिवार के सदस्य शामिल थे। श्रीमद् भागवतकथा परिवार ने सभी भक्तजनों से उक्त कार्यक्रमों में भागवतकथा का प्रवचन का पुण्यलाभ लेन की बात कही है।






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12 अप्रैल 2022 दिन मंगलवार रासपंचाध्यायी ( महारासलीला) मथुरा गमन कंसवण, उद्धव- गोपी संवाद एवं श्री कृष्ण-रुक्मिणी मंगल विवाह प्रसंग
