किरन्दुल । वैश्विक स्तर के इस स्टार्टअप फंडिंग कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के युवा भी ले सकते हैं हिस्सा।
आर्सलर मित्तल ऐसी नई कंपनियों एवं इनोवेटिव आइडिया की खोज में है जो नई तकनीकों और नवाचार के आधार पर स्टील उद्योग के डीकार्बोनाइजेशन अर्थात कर्बन में कमी करने की क्षमता रखती हो. दुनिया भर में ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स को आर्सेलर मित्तल के एक्सक्रैब XCarb™ इनोवेशन फंड से निवेश और प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है। इनका उद्देश्य प्रतिवर्ष सौ मिलियन डॉलर का निवेश कर परिवर्तनकारी, प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप्स को आर्सेलर मित्तल समूह के सलाह, अनुसंधान और विकास में मार्गदर्शन और बिजनेस मेंटरशिप पहुंचाना है.
आर्सेलर मित्तल का उद्देश्य है लोगों और विश्व के लिए स्मार्ट स्टील का निर्माण, और इसी उद्देश्य को आत्मसात करते हुए एक्सक्रैब इनोवेशन फंड उन कंपनियों में निवेश करने के लिए लाया गया है, जिनके पास स्टील उद्योग के कार्बन उत्सर्जन को अधिक से अधिक कम करते हुए लगभग शून्य स्तर तक लाने की क्षमता हो। ऐसे स्टार्टअप्स को सफल व्यवसायिक रूप से आगे बढ़ाने के लिए साथ ही उन्हें विस्तार करने में मदद करने में यह फंड बहुत ही कारगर साबित होगा।
इस साल, फाइनलिस्ट प्रतिभागियों को एक्सलीलरेटर डे में उनके आइडियाज़ पिच करने का अवसर मिलेगा। और जो प्रतिभागी अपने बेहतरीन प्रोजेक्ट के दम पर फंड हासिल करेंगे उन्हें अपने आइडिया और योजना को भविष्य में आगे बढ़ने में यह अवसर प्रदान करेगा। सफल प्रतिभागियों को न सिर्फ फंड के रूप में आर्थिक मदद मिलेगी साथ ही उन्हें अन्य अवसर भी हासिल होंगे जैसे-
• बेहतरीन इंडस्ट्री विशेषज्ञता और सलाह
• तकनीकी विकास में तेजी लाने के लिए उद्योग के अग्रणी अनुसंधान केंद्र और रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट कार्यक्रम का लाभ
• तकनीकी, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी सुरक्षा, और वैश्विक पहुँच के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन
• बाजार में तेजी से आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण ऑफिस मैनेजमेंट और समूह कार्यात्मक प्रबंधन की सलाह






![]()


चूंकि यह एक वैश्विक स्तर पर प्रदान किया जाने वाला फंड है। इसलिए प्रतिभागी दुनिया के किसी भी हिस्से से इसमें भाग लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्टार्टअप भी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। इसमें भाग लेने के लिए सबसे महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य शर्त है कि स्टार्ट अप आइडिया में स्टील उद्योग का कार्बन उत्सर्जन कम होना चाहिए और इसे स्केलेबल यानी कि वैश्विक स्तर पर विस्तार करने योग्य होना चहिए। आवेदन करने के लिए प्रथम चरण की अंतिम तिथि 20 जून निर्धारित की गई है।
