एसोसिएशन के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि यह तय हुआ था कि जायज मांगों के निराकरण की प्रक्रिया तेजी से होगी, परंतु सिंचाई विभाग के सचिव से बात नहीं होने के कारण कॉन्ट्रैक्टरों ने टेंडर बहिष्कार जारी रखा है, क्योंकि सबसे अधिक विसंगतियां सिंचाई विभाग में है, जहां P. W. D की गाइड लाइन से विपरीत नियम और शर्तें निर्माण कार्यों के टेंडरों में लगाए जाते हैं, जैसे नहर -नाली निर्माण में मेंटेनेंस 10 साल है, जो संभव ही नहीं है! शुक्ला ने कहा कि मंत्रालय में बैठे अधिकारियों के पास नीचे स्तर से प्रस्ताव पहुंच चुका है! लेकिन निराकरण की फाइल को आगे बढ़ाने के बजाय दबाने की कोशिश की जा रही है! जिसका एसोसिएशन पुरजोर विरोध करेगा!
