(उत्तम साहू)
बालोद/डौंडी लोहारा।जिले के धान उपार्जन केंद्रों में बीते दिनों हुई बारिश की वजह से धान खरीदी अव्यवस्थित हो गई है। फड़ खराब हो जाने की वजह से कई केंद्र ऐसे हैं जहां पर दो दिन से खरीदी शुरू नही हो पा रही है ऐसे ही सोमवार से देवरी ब्रांच के धान उपार्जन केंद्र देवरी में धान खरीदी शुरू नहीं हुई हैं वहा बीते बुधवार गुरुवार को तेज बारिश हुई थी जिसकी वजह से फड़ में पानी भर गया था और धान खरीदी की जगह खराब हो गया है अब देखना है कब सूखता है और धान खरीदी पुन: शुरू होता है । बारिश के पानी से फड़ गीला हुआ है उससे फड़ दयनीय स्थिति में है औऱ वहां पानी चले जाने के कारण बोरे में रखे धान भी भीग गए हैं जिसे समिति प्रांगण में सुखाया जा रहा है यहां की क्षति का आंकलन लगाना मुश्किल है,इसी प्रकार से धान खरीदी केंद्र फरदफोड़ की स्थिति है वहां भी मंगलवार को फड़ गीला होने से मात्र 4 किसानों से 112 क्विटल धान की खरीदी की गई वहां भी बीते बुधवार गुरुवार को तेज बारिश हुई थी जिसकी वजह से धान भींग गए हैं उसे समिति प्रांगण में सुखाया जा रहा है।धान की क्षति की जानकारी के लिए उपार्जन केंद्र सहायक समिति प्रबंधक ढालेंद्र देशमुख को दो बार कॉल भी लगाया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।सवाल यह हैं कि जब शासन प्रशासन धान के रख रखाव के लिए समितियों को अग्रिम राशि जारी करती हैं तो समिति उस पर अमल करने में क्यो कोताही बरतने का काम करती हैं।इन समितियों सहित और भी अन्य उपार्जन केंद्रों पर कितनी क्षति हुई है इसकी जानकारी कब तक प्राप्त होगी यह बताना भी संभव नहीं है।क्योंकि आधिकारिक रूप से समिति वाले जानकारी देने में रुचि नहीं रख रहे हैं कहा जाय तो जानकारी छुपा रहे हैं। फड़ प्रभारी तो कह रहे हैं कि क्षति नही हुई है लेकिन तस्वीरे अलग बया कर रही हैं।

*अछोली उपार्जन केंद्र में 24600क्विटल धान जाम*






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वहीं देवरी ब्रांच के उपार्जन केंद्र अछोली में मंगलवार तक 37890क्विटल की धान खरीदी हो चुकी है और मिल को 5660 क्विटल और संग्रहण केंद्र को 7630 क्विटल धान जारी किया गया है और वर्तमान में समिति के पास 24600 क्विंटल धान उपलब्ध है। समिति से मिली जानकारी के अनुसार यहां बफर लिमिट 4648क्विटल है और जो धान उपलब्ध है वह बफर लिमिट का 6गुणा है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस उपार्जन केंद्र में धान का उठाव कितनी धीमी गति से हो रही है ऐसे ही हालात जिले के और उपार्जन केंद्रों का है जहाँ पर बफर लिमिट से कई गुना अधिक धान रखा हुआ है।इस प्रकार से बफर लिमिट से अधिक धान का 72घण्टे में उठाव सिर्फ खोखला साबित हो रहा है।
