एस एस अजहर
किरंदुल। छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन होते ही राजनीतिक गलियारे में भी परिवर्तन होने में देर नहीं लग रही है । ऐसा ही नज़ारा हमें प्रदेश के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगर पालिका परिषद में देखने को मिल रहा है यहां पर पार्षदों ने नगरपालिका परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने कलेक्टर को आवेदन देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है। अब जिला कलेक्टर इस पर निर्णय लेकर फ्लोर टेस्ट के लिए तिथि तय कर आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे। गौर करने वाली बात यह भी की कांग्रेस के पास 12 पार्षद होने के बाद भी अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है ।
नगरपालिका परिषद किरंदुल में सत्ता पक्ष कांग्रेस के पास 12 पार्षद के साथ पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में है
और अविस्वास प्रस्ताव लाने में इनमें से 7 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए है
उसके बाद ही विपक्ष इस ओर कदम बढ़ाया है
कहने का तात्पर्य यह की कहीं ना कहीं कांग्रेस के सात पार्षद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने के साथ साथ पार्टी बदलने का कहीं मन तो नहीं बना लिए हैं जिसके कारण कांग्रेस को नगर पालिका परिषद की सत्ता को बचाने मशक्कत करनी पड़ेगी
नगर पालिका परिषद किरंदुल में जैसे ही अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने कलेक्टर को आवेदन सौंपा गया तो इस संबंध में अध्यक्ष मृणाल राय ने इसपर कहा कि
प्रदेश में विधानसभा चुनाव का परिणाम कांग्रेस के पक्ष के विपरित भाजपा के पक्ष में जनादेश आया मैंने तुरंत किरंदुल नगर पालिका परिषद में हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे के लिए एक बैठक आहूत की जिसमें कांग्रेस के सभी 12 पार्षदों ने इस्तीफा नहीं देने पर अपनी सहमति देते हुए आगे भी पूरा समर्थन देने पर सभी पार्षदों ने अपनी अपनी सहमति प्रदान की थी और सभी की सहमति मिलने पर ही मैंने इस्तीफा नहीं दिया लेकिन अब इस तरह अचानक अविश्वास प्रस्ताव लाने आवेदन देकर कहीं ना कहीं मेरे साथ छल किया जा रहा है। कहा जाए तो विश्वास में लेकर अब धोखा दिया जा रहा है इस तरह अविश्वास प्रस्ताव लाकर मेरी छवि खराब करने की साज़िश रची गई है। मैं ने इस पूरी घटना क्रम की जानकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी और ज़िला अध्यक्ष को दे दी है और इस तरह षड़यंत्र रचने वाले धोखेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं इस संबंध में कांग्रेस पार्षद दिनेश प्रसाद ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली इसीलिए कांग्रेस पार्षदों ने कांग्रेसी पालिका अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की गई है।








