एस एच अज़हर दंतेवाड़ा किरंदुल: इस्लाम के मुबारक महीने रबी उल अव्वल के आगमन पर मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। यह महीना पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत (जन्म) का पवित्र महीना माना जाता है। इस उपलक्ष्य में किरंदुल की सुन्नी मदीना मस्जिद में नमाज-ए-मगरिब के बाद परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इस दौरान समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर रबी उल अव्वल की मुबारकबाद दी।
रबी उल अव्वल की पहली तारीख को मुस्लिम समुदाय ने अपने प्यारे रसूल और सबसे बड़े धर्मगुरु हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश की खुशी में झंडा फहराया। इस अवसर पर मुल्क में अमन, सुकून और शांति की दुआएं मांगी गईं। कार्यक्रम में सुन्नी मदीना मस्जिद के इमाम मौलाना इकबाल राजा, कारी अब्दुल गफूर हबीबी, सदर जमील खान, शेख नजमुल, सदर अनवर हुसैन, खजांची आदिल खान, सहसचिव फारुख रजा, अहमद अली कमाल अहमद नजीर हुसैन मोहम्मद फिरोज फिरोज रजा रफीक खान अजमल रजा सैयद हसन आरिफ सैयद हसन अजहर सकलेन हाशमी सिबतैन हाशमी जुनेद रजा और जमात के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
यह आयोजन मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 12 रबी उल अव्वल को पैगंबर-ए-इस्लाम का जन्मदिन मनाया जाता है, जिसे ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के रूप में भी जाना जाता है। समुदाय ने इस पवित्र महीने में एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए उत्साह के साथ इस अवसर को मनाया।






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