सर्व मूल बस्तरिया आदिवासी समाज के प्रवक्ता संजय पंत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जिला प्रशासन को आड़े हांथ लिया है । पंत ने विज्ञप्ति के माध्यम से जिला प्रशासन के कार्यशैली पर सवालियां निशान लगाया है

संजय पंत ने करली पंचायत में मित्तल स्टील्स कंपनी के वेस्ट मटेरियल डंपिंग करने के कार्य पर सवाल उठाया है । श्री पंत ने कहा कि वेस्ट मटेरियल डंप करके करली पंचायत की भूमि को दूषित करने का कार्य शुरू हो गया है । जिस मुद्दे को समाज ने प्रमुखता से उठाया था, परन्तु विरोध के बाद भी नियमों को ताक में रखते हुए जिला प्रशासन एक बार फिर से दंतेवाडा वासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने पर तुला हुआ है ।
जिस करली पंचायत से जिला मुख्यालय को सुबह की ताजी हवा मिलती है, लोग सुबह ताजी हवा लेने ,अच्छी स्वास्थ के लिए टहलने जाते है, आज सुबह उसी पंचायत की हवा दूषित मालूम पड़ रही थी और इसका कारण सिर्फ एक – मित्तल स्टील्स का वेस्ट मटेरियल, जिसे करली स्थित नवीं बटालियन में डंप किया जा रहा है , और जिला प्रशासन भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही है ।पर्यावरण ,स्वास्थ्य व जनहित के मुद्दे पर जिला प्रशासन मौन क्यों है यह समझ से परे हे । जिला प्रशासन द्रारा मित्तल स्टील्स के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना भी समझ से परे है जिला प्रशासन ने जनहित के मुद्दे पर क्यों चुप्पी साध रखी है यह भी समझ से परे है ,और आज भी करली पंचायत में मित्तल के वेस्ट मटेरियल को डंपिंग करने का कार्य नियमों को ताक में रख कर किया जा रहा है और जिला प्रशासन मुक दर्शक बनी हुई है







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करली पंचायत के बिना स्वीकृति के ही जिला प्रशासन ने इस कार्य की अनुमति दे दी है । प्रशासन के इस कार्य से वायु प्रदूषण तो होगा ही साथ ही आस पास की ज़मीन में खेती किसानी कर अपना जीवनयापन करने वाले किसानों को भी परेशानी होगी । जिला प्रशासन के इस रवैये से आम जनता को परेशानी तो हो रही है साथ ही अन्नदाता किसान भी प्रभावित होंगे ।
