एस एच अज़हर . दंतेवाड़ा:लौह नगरी बचेली में जनसेवक फिरोज नवाब ने एक बार फिर मानवता और इंसानियत की मिसाल पेश की है। आदिवासियों के प्रति समर्पित भाव और जरूरतमंदों की हरसंभव मदद के लिए पहचाने जाने वाले फिरोज नवाब हमेशा सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। चाहे रक्तदान हो, इलाज की व्यवस्था हो या घायल व्यक्ति को बचाने का कार्य, उनकी प्राथमिकता हमेशा मानव सेवा रही है।19 जून की रात को मार्केट में काम करने वाले एक आदिवासी युवक, कोया, गंभीर हालत में डोम के अंदर कराहता हुआ पाया गया। सूचना मिलते ही फिरोज नवाब ने तुरंत कार्रवाई की और उसे अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। इलाज के दौरान कोया की मृत्यु हो गई। पुलिस जांच में पता चला कि वह ग्राम करका का निवासी था, लेकिन पिछले 30 वर्षों से अपने गांव से संपर्क में नहीं था।कोई भी अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था। तब बचेली थाना प्रभारी मधुनाथ ध्रुव ने ग्रामवासियों को बुलाकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाए। इसके बाद फिरोज नवाब ने बचेली पुलिस और नगर पालिका के सहयोग से कोया का अंतिम संस्कार किया। इस कार्य में बचेली पुलिस और नगर पालिका का सहयोग सराहनीय रहा। फिरोज नवाब की यह पहल न केवल मानवता का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी है।









